लोकेश्वर सिंह ठाकुर की रिपोर्ट।
गआस्था के रंग में रंगा शिवधाम कोड़िया,
हजारों कांवड़ियों ने किया शिवजी का जलाभिषेक ।
।ननकटठी।
सावन के दूसरे सोमवार 10 अगस्त को शिवधाम कोड़िया के भुइं फोड़ शिव ज्योतिर्लिंग का दर्शन पूजन अभिषेक करने प्रातः से ही शिव भक्तों की भीड़ लगी हुई थी | वहीं मुख्य आकर्षण रहा भक्ति के रंग में रंगे कांवड़ियों का विशाल जत्था जो डी जे बाजा के साथ शिव मंदिर प्रांगण से निकल त्रिवेणी संगम सगनी घाट से पवित्र जल लेकर अभिषेक करने शिवधाम पहुंचे थे, जिनमें बड़ी संख्या में महिला कांवड़िये भी थीं | घाट पर समूह में आरती, पवित्र जल भरने का दृश्य अद्भुत था | कांवड़ में जल लेकर जब ये कोड़िया के सगनी चौक पहुंचे तो उनकी लंबी कतार लोगों को भौंचक कर रही थी | शिव मंदिर मार्ग में केवल वे ही नजर आ रहे थे | उनकी केसरिया पोशाक उनकी खास पहचान थी | बोल बम, हर हर महादेव का जयघोष करते जब मंदिर पहुंचे तो मंदिर प्रांगण और शिवमंगल भवन प्रांगण उनसे भर गया था | पूरा वातावरण शिवमय हो गया था। द्वार पर उनका भव्य आत्मीय स्वागत किया गया। उन्हें देखने गांव उमड़ पड़ा था | शिव महिमा के गीत से सभी थिरक रहे थे | आल्हादकारी क्षण था |
सहस्त्रेश्वर महादेव कांवड़िया समिति के कांवड़िये- जत्था का नेतृत्व काशीनाथ साहू और प्रदीप साहू कर रहे थे | सरपंच जानकी साहू ने श्रद्धालुओं को अधिकाधिक संख्या में शामिल हो पुण्य लाभ लेने की अपील की थी l पास के ग्रामों के कांवड़िये भी थे l खेरधा जामुल के कांवड़िए बड़ी संख्या में पहुंचे थे l डॉ नीलकंठ देवांगन ने बताया कि यहां अनोखा शिव मंदिर है, जहां भगवान शिव का दिव्य सहस्त्रेश्वर ज्योतिर्लिंग है, जिसे ‘भुइं फोड़ शिव’ के नाम से जाना जाता है | यह स्वयंभू है | इसमें प्राकृतिक रुप से ॐ अंकित है | मालगुजारी जमाने में घुरूवा में कुआं खोदते समय निकला नारियल के आकार का शिवलिंग भव्य रूप ले चुका है | मंदिर भी विशाल है | लोगों के श्रद्धा और आकर्षण का केंद्र बन गया है | गांव अब शिवधाम कोड़िया के नाम से जाना जाता है l श्रद्धालुओं का तांता दिन भर लगा रहा | तुलसी के बिरवा मानस मंडली नावगुड़ा गरियाबंद का संगीत मय मानस गान हुआ l







