दुर्ग। खरीफ सीजन के लिए जिले में पर्याप्त बीज उपलब्ध, समितियों के माध्यम से वितरण जारी।

लोकेश्वर सिंह ठाकुर की रिपोर्ट।

 

*खरीफ सीजन के लिए जिले में पर्याप्त बीज उपलब्ध, समितियों के माध्यम से वितरण जारी*

 

दुर्ग, 02 जून 2026/ आगामी खरीफ सीजन 2026 के मद्देनजर जिले के किसानों को उन्नत और गुणवत्तापूर्ण बीजों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए जिला प्रशासन और कृषि विभाग द्वारा व्यापक तैयारियां की गई हैं। कृषि बीज प्रक्रिया केंद्र में बीजों के वर्तमान स्टॉक और सहकारी समितियों में किए जा रहे भंडारण की प्रशासनिक समीक्षा के बाद जिले में बीजों की उपलब्धता की स्थिति स्पष्ट की गई है। जिले में खरीफ वर्ष 2026 के लिए कृषि विभाग की कुल 29,827 क्विंटल बीज की मांग के मुकाबले बीज प्रक्रिया केंद्र रूआबांधा में वर्तमान में 29,791 क्विंटल बीज उपलब्ध है। इसमें सबसे प्रमुख फसल धान के बीज की मांग 29,500 क्विंटल है। बीज प्रबंधक (रूआबांधा) एस.के. बेहरा से मिली जानकारी के अनुसार, गत वर्ष स्थानीय बीज उत्पादक किसानों द्वारा जिले की मांग के मुताबिक धान की लगभग सभी किस्मों का बेहतर उत्पादन किया गया है। इसके परिणामस्वरूप 10 वर्ष के भीतर की कम अवधि वाली प्रमुख किस्में जैसे एम.टी.यू. 1156, एम.टी.यू. 1153, विक्रम टी.सी.आर., एम.टी.यू.-1318 और छ.ग. देवभोग की कुल 1,590 क्विंटल मांग के विरुद्ध 1,868 क्विंटल बीज का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। वहीं 10 वर्ष से अधिक पुरानी किस्मों की 27,910 क्विंटल मांग के मुकाबले 26,668 क्विंटल (95 प्रतिशत) बीज भंडार में उपलब्ध करा दिया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जिले की मांग के मुकाबले केवल दो किस्मों-महामाया और स्वर्णा सब-1 में लगभग 2,300 क्विंटल बीज की कमी देखी गई है, जिसकी भरपाई के लिए राज्य की अन्य सहकारी समितियों और बीज निगम के केंद्रों से जल्द ही बीजों की आपूर्ति कराकर किसानों को समय पर बांट दिया जाएगा। इसके विपरीत, जिले में धान की किस्म एम.टी.यू. 1001 और आई.आर. 64 की लगभग 2,500 क्विंटल मात्रा आवश्यकता से अधिक होने के कारण इसे अन्य जरूरतमंद जिलों जैसे गरियाबंद, राजनांदगांव, बालोद, दंतेवाड़ा, कोंडागांव, जशपुर और महासमुंद आदि में स्थानांतरित (ट्रांसफर) किया जा रहा है।

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि धान के अलावा अन्य फसलों जैसे अरहर, मूंग और ढेंचा आदि के भी पर्याप्त बीज जिले में उपलब्ध हैं। अब तक जिले की 98 सहकारी समितियों में लगभग 21,000 क्विंटल बीजों का सुरक्षित भंडारण किया जा चुका है और किसानों को इसका निरंतर वितरण किया जा रहा है। आगामी वर्ष 2027 की तैयारियों को लेकर जिला स्तरीय बीज उत्पादन समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के तहत धान की विभिन्न किस्मों, अरहर (30 हेक्ट.), उड़द (5 हेक्ट.), मूंग (5 हेक्ट.), सोयाबीन (25 हेक्ट.), तिल (5 हेक्ट.) और हरी खाद (5 हेक्ट.) के बीज उत्पादन का लक्ष्य तय किया गया है। इसके साथ ही उपसंचालक कृषि श्री संदीप भोई ने बताया कि जिले में हरी खाद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के अंतर्गत किसानों के लिए 72 क्विंटल ढेंचा और 21.40 क्विंटल मूंग बीज भी विशेष रूप से उपलब्ध कराया गया है।

  • Related Posts

    दुर्ग।ग्राम नंदकठी के मां शीतला मंदिर में 64 मनोकामना ज्योति प्रज्वलित।

    रिपोर्टर ।लोकेश्वर सिंह ठाकुर। ग्राम नंदकठी के मां शीतला मंदिर में 64 मनोकामना ज्योति प्रज्वलित की गई। एवं मां शीतला मंदिर समिति के समस्त सदस्यों द्वारा पूजा अर्चना की गई।

    दुर्ग।ग्राम नंदकठी के मां चंडिका मंदिर में 41,मां शीतला मंदिर में 64,बजरंग नगर मां दुर्गा मंदिर में 02 मनोकामना ज्योति प्रज्वलित।

    रिपोर्टर। लोकेश्वर सिंह ठाकुर स्लग । ग्राम नंदकठी के मां चंडिका मंदिर में 41 मां शीतला मंदिर में 64 एव बजरंग नगर मां दुर्गा मंदिर में 02 मनोकामना ज्योति कलश…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    दुर्ग।ग्राम नंदकठी के मां शीतला मंदिर में 64 मनोकामना ज्योति प्रज्वलित।

    दुर्ग।ग्राम नंदकठी के मां शीतला मंदिर में 64 मनोकामना ज्योति प्रज्वलित।

    दुर्ग।ग्राम नंदकठी के मां चंडिका मंदिर में 41,मां शीतला मंदिर में 64,बजरंग नगर मां दुर्गा मंदिर में 02 मनोकामना ज्योति प्रज्वलित।

    दुर्ग।ग्राम नंदकठी के मां चंडिका मंदिर में 41,मां शीतला मंदिर में 64,बजरंग नगर मां दुर्गा मंदिर में 02 मनोकामना ज्योति प्रज्वलित।

    दुर्ग।नवरात्रि के पावन पर्व पर प्रज्वलित हुए आस्था के ज्योत,ग्राम नंदकठी के महामाया में 139 मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित।

    दुर्ग।नवरात्रि के पावन पर्व पर प्रज्वलित हुए आस्था के ज्योत,ग्राम नंदकठी के महामाया में 139 मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित।

    Descoperă Secretele Royal Casino și Începe Să Câștigi Azi

    Discover Hidden Casinos Not Registered on GamStop

    How Casinos Use Technology to Combat Player Addiction